म्यांमार में मुसलमान महिलाओं के अपमान और मुसलमान पुरुषों और महिलाओं से बेगार लेना मुसलमानों के खिलाफ जारी अन्याय की एक आम स्थिति है।प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार म्यांमार के सुरक्षा बल मुसलमान महिलाओं को यातनाएं पहुँचाते है और उन्हें यौन हिंसा का निशाना बनाया जाता है। इस रिपोर्ट के अनुसार कई मुस्लिम महिलाओं को ज़ोर ज़बरदस्ती उठा लिया जाता है और बलात्कार के बाद उन्हें वापस घर भेज दिया जाता है जिसके परिणाम स्वरूप यह बेकस महिलाएं सारी उम्र तिरस्कार भरी अपमानजनक ज़िन्दगी गुज़ाती हैं। शादीशुदा महिलाओं की स्थिति और बदतर है उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाकर उनसे बेगार लिया जाता है और कोई मजदूरी नहीं दी जाती। कभी कभी बहुत सी महिलाएं कभी घर लौटकर नहीं आतीं। म्यांमार में मुसलमान पुरुषों को सरकारी नौकरी नहीं दी जाती। उन्हें सुरक्षा बल अपहरण कर लेते हैं जिसके परिणाम स्वरूप वह लापता हो जाते हैं। मुसलमान पुरुष केवल खेतों में काम कर सकते हैं और फस्ल कटने के बाद सरकार उनसे पचास प्रतिशत फस्ल जबरदस्ती ले लेती है। म्यांमार सरकार ने मुसलमानों के खिलाफ बहुत अमानवीय व्यवहार अपना रखा है। बेगार लिया जाना, मुसलमान महिलाओं का अपमान, उन्हें हर तरह के मानव अधिकार से वंचित रखना आदि एक मुद्दत से राएज है।समाचार समाप्त.....166
29 जुलाई 2012 - 19:30
समाचार कोड: 333032
म्यांमार में मुसलमान महिलाओं के अपमान और मुसलमान पुरुषों और महिलाओं से बेगार लेना मुसलमानों के खिलाफ जारी अन्याय की एक आम स्थिति है.......